फिलहाल फराह अपनी नई कार आने से वाक़ई इतनी खुश हुई थी की समर की खुशी नाखुशी या उसका Cold Behaviour उसके नज़दीक कोई मुश्किल मैटर नहीं थे । हफ्ते भर बाद घर का रूटीन एक बार फिर चेंज हुआ था , जो कभी उसकी या समर की ऑफिस टाइम चेंज होने पर होता था ।
इस बार ये रूटीन और घर का टाइम टेबल फराह की कार आने पर हुआ था ।
अब फराह अपनी कार से ऑफिस जाती और समर अपनी कार से ।शायन को लाने ले जाने की ज़िम्मेदारी अब फराह की थी । समर अब अपने पूरे वक़्त पर ही ऑफिस जाया करता । उसकी शायान को स्कूल ड्रॉप करने की रेस्पॉंसिबिलिटी भी अब कम हो गई थी ।
समर के अपोजिट अब फराह की ज़िम्मेदारियों में अचानक से इज़ाफ़ा हो गया था । घर का काम अब वो बाक़ायदा मीना से काफी कुछ करा लेती पर फिर भी अब उसके पास टाइम नहीं होता था । पर अभी तक वो ये सारे काम अपनी सब रिस्पांसिबिलिटी ईमानदारी और ख़ुशनूदी से किये जा रही थी ।
हालांकि अब उसे कई बार मुश्किल भी हो रही थी पर इस रास्ते का सेलेक्शन उसने खुद किया था सो उसके बाद के नतीजों की ज़िम्मेदारी भी उसे खुद ही लेनी थी । समर का अब इन कामों से कोई सरोकार नहीं था या शायद उसने जान बूझकर इन सब से खुद को अलग कर लिया था ।
उन दिनों ऑफिस का वर्क लोड भी कुछ बढ़ने लगा था .।वो कोशिश तो कर रही थी की सब संभाल सके पर ऐसा मुमकिन नहीं होता नज़र आ रहा था । सुबह जल्दी जागना , सारे काम करना जो पहले से उसके ज़िम्मे थे । शीनू को ड्राप करना फिर ऑफिस जाना, वापसी पर फिर शीनू को पिक करना फिर घर आकर सारे काम , शीनू की स्टडीज और उसका होम वर्क सब मैनेज करना पड़ रहा था।
वो इन सब में पिसती जा रही थी और समर सब कुछ देखते हुए भी अनजान बना हुआ था ।अब उसने धीरे धीरे घर के कई सारे काम करने छोड़ दिए जो पहले वो खुद किया करता था ।जिस वजह से उन दोनों में कई बार नाख़ुशगवार बातें भी हो गई थीं ।
फराह को ऐसे लगता जैसे उसने कार न लेकर अपने सर पर अज़ाब मुसल्लत कर लिया था ।जिसे न वो हटा सकती थी और अब उसका बोझ भी उसे तकलीफ दे रहा था । धीरे धीरे उन दोनों में खिंचाव पैदा हो चुका था ।
बीते लास्ट वीक से उसकी तबियत खराब थी ।हमेशा खुद को थका हुआ महसूस कर रही थी ।बार बार सर घूम रहा था । पर फिर भी उसने लीव नहीं ली और लगातार ऑफिस जा रही थी ।
उधर शीनू भी कुछ दिनों से सुस्त रहता ।वो जब भी उसे पिक करने जाती वो उसे क्रेच में सोया हुआ मिलता । उसे लगता शायद वो स्कूल में थक जाता होगा इसलिए सो जाता था..पर कुछ दिनों से वो कमज़ोर दिखने लगा और खाना पीना भी कम कर दिया था उसने । पर ज़ाहिरी तौर पर उसकी प्रॉब्लम सामने आई नहीं थी ।
एक रोज़ सुबह वाशरूम जाते हुए वो उसके दरवाज़े पर ही लड़खड़ा कर गिर पड़ी । उसके हाथ में पानी की बॉटल थी जो उसके हाथ से छूटी तो काफी तेज़ आवाज़ हुई ।
समर भागता हुआ वहां आया तो देखा फराह ज़मीन पर पड़ी थी । वो खुद से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी ।
समर एकदम से घबरा गया था।
फराह. फराह… ये क्या हो गया तुम्हें !! कैसे गिर गई तुम । तुम्हे चोट तो नहीं लगी !!
समर अपनी घबराहट में कहता ही जा रहा था।
एक मिनट रुकें समर , पहले सहारा तो दें, मेरा सर घूम रहा है । मैं खड़ी हुई तो दोबारा गिर जाउंगी समर।
समर अब फराह की तरफ हाथ बढ़ाते हुए बोला ।
ऐसे कैसे गिर जाओगी तुम ,चलो मैं लेकर चलता हूँ न और उसने उसे अपने कंधे के सहारे संभालते हुए बेड तक जाकर लिटाया ।
तब तक शीनू भी सुबह हुई इस अचानक की अफरा तफरी से खुद ही उठ गया था ।
समर ने फराह को पानी पिलाया और फिर उसे लेटने का इशारा किया ..और खुद उसके सिरहाने बैठ गया था।
तुम्हारी तबियत अच्छी नहीं थी तो तुमने बताया क्यों नहीं मुझे ..और ऑफिस से लीव ले लेती।
समर ने प्यार से कहा तो फराह रूआंसी हो गई थी।
क्या बताती आपको समर .. आपको तो आजकल मैं नज़र ही नहीं आती । न सीधी तरह बात करते हो न कोई जवाब देते हो । पता नहीं क्यों ये सर्द जंग छेड़ रखी है तुमने । मेरा कार लेना आपको इतना नागवार गुज़रा था तो सख्ती से मना कर देते पर यूँ तो घर का माहौल तो न बिगाड़ते। आपकी कही बात से कब इंकार किया है मैंने।
कहते हुआ उसका गला रूंध गया और उसके आंसू पलकों पर आकर ठहर गए ।
समर तो अब गिल्ट में आ रहा था फराह की इस कंडीशन को देखकर।
सॉरी यार , रियली मिस्टेक हो गई मुझसे इस मैटर में । मैंने सारी सिचुएशन में ओवर रियेक्ट कर दिया । मुझे नाराज़गी इतनी लम्बी नहीं खींचनी थी ।आखिर तुम्हे भी तो हक़ है अपनी ज़िंदगी अपने मुताबिक़ जीने का ।मैंने अपनी कंडीशन्स तुम पर फोर्स नहीं करनी चाहिए थी । सिचुएशन इतनी कॉम्पलिकेटेड नहीं होती शायद।
फराह फिर भी चुप रही थी। उससे समर की बातों पर रियेक्शन भी नहीं दिया जा रहा था। वो अब भी खामोश थी।
उसे खामोश देख समर समझ गया था की वाक़ई उसकी तबियत खराब है।
अच्छा अभी तुम थोड़ा रेस्ट करो । आई थिंक यू आर ओवर वर्क्ड । ये नए रूटीन में तुम्हें अडजस्टमेंट इशूज हुए हैं । मैं ऐसा करता हूं , अभी शीनू को ड्राप कर दूंगा और ऑफिस से जल्दी निकल कर शाम में क्रेच से उसे लेता हुआ भी आऊंगा ।
पर अभी डॉक्टर का अपॉइंटमेंट फिक्स कर रहा हूँ । तुम दिन में जाकर मिल लेना ।और प्लीज ड्राइव मत करना । जैसा होगा मुझे अपडेट कर देना ।
समर के अचानक बदले इस बिहेवियर से फराह अपनी बंद आंखें खोलते हुए बोली।
इतना ख्याल है मेरा तो सताते क्यों हो । क्यों इतने दिन से मुझे ज़ेहनी कोफ़्त में रखा हुआ है ।
तुम्हें मालूम है न के तुम्हारी इग्नोरेंस मेरे लिए किसी सज़ा से कम नहीं होती। मैं नॉरमल नहीं रह पाई और न घर में कुछ भी पहले जैसा रहा ।
आखिर कार फराह ने अपनी चुप्पी तोड़ी थी।
फराह के इतना कहते ही समर ने उसकी हथेली थाम ली थी।
सही कहा तुमने ।ये खामोशी और सर्द रवैया बहुत तकलीफदेह होता है । इस कोल्ड वॉर में इंसान जितना सामने वाले को जलाता है उतना वो खुद भी जलता है। पर क्या करूँ ऐसा ही हूँ मैं ..और इसी में गुज़ारा करना होगा तुम्हें ।
समर ने हल्की स्माइल करते हुए कहा तो फराह ने आहिस्ता से जवाब दिया ।
हम्म .. सब जानती हूँ मैं.. तभी तो अपनी कई सारी आदतों और ख्वाहिशात में तबदीली कर ली ताकि तुम्हारी मोहब्बत से मेरा ये घर आबाद रहे । वरना तुम जानते थे की मैं …..कब आओगे …क्या खाओगे ..टाइप की बीवी नहीं बन सकती थी ।पर इतने सालों में तुम्हारी चाहत में मैं वो भी बन गई ।
उसकी इस बात पर समर एकदम से हंस पड़ा था ।
अच्छा तो हस्बेंड से उनके आने और खाने का पूछने वाली वाइफ की क्या कोई अलग कास्ट या कैटेगिरी होती है । और तुम्हारे जैसी स्मार्ट लेडी इसे अपनी सेल्फ रेस्पेक्ट और ईगो का इशू बना लेती हैं । ठीक है फिर ,चलो ये भी सही ।
अच्छा अब देर हो रही हैं मुझे ।अभी मीना आती होगी । उससे कह देना सब कर के जाए ।और तुम अभी बेड से हिलोगी भी नहीं ।बस आराम करो ।
दोपहर तक वो थोड़ा बेहतर महसूस कर रही थी । उसने ऑफिस में इन्फॉर्म कर दिया था । समर ने चार बजे का डॉक्टर का अपॉइंटमेंट ले लिया था । और टैक्सी का कह रखा था ।
फराह अपने टाइम से डॉक्टर के क्लीनिक पहुंच गई थी। पर क्लीनिक विजिट में उस पर जो हकीकत ज़ाहिर हुई ।उससे एक पल के लिए तो वो हैरानी और खुशी से लबरेज़ हो गई मगर अगले ही पल उसकी पेशानी पर फ़िक्र की शिकन उभर गई थी ।
वो अभी एक्सपेक्ट नहीं कर रही थी वो न्यूज़ जो उसे मिली थी । उसे अजीब सी फीलिंग हो रही थी। वो घर आकर खामोशी से लेट गई ।उसने समर को भी कोई कॉल नहीं की थी । ये सडन रिविलेशन उसे फ्रीज कर चुका था।