फराह अब एक नई उलझन में थी। अब क्या होगा कैसे होगा । वो कैसे सब कुछ संभालेगी । शीनू के वक़्त उसकी हालत इतनी ख़राब हो गई थी की उस वजह से उसे अपनी नई जॉब से रिजाइन करना पड़ा था ।
और फिर पूरे चार साल बाद ही वो दोबारा जॉब में आयी थी.। वो भी उसके वर्किंग एक्सपीरियंस और लेवल की जॉब उसे नहीं मिल सकी थी । और इस बार तो उसके सर पर कितनी ज़िम्मेदारियाँ भी हैं।
फराह अब गहरी सोच में थी । समर से उसे कुछ भी हेल्प मिलनी नही थी ।वो तो सीधे सीधे लफ़्ज़ों में उसे नौकरी छोड़ने का कह देगा ।पर इस दफा वो ऐसा हरगिज़ नहीं चाहती थी ।
शाम को समर शीनू को पिक करने उसके क्रेच गया तो वहां उसे कुछ अजीब लगा था। शीनू उसे गहरी नींद में सोता हुआ मिला ।उसे कुछ हैरत और तशवीश हुई वहां का माहौल देखकर पर उसने सोचा पहले फराह से बात कर ले । आखिर वही तो इतनी दिनों से उसे पिक करती आयी है ।
उसे इस रूटीन के बारे में यक़ीनी पता होगा ।
घर के अंदर दाखिल होते ही समर ने पहले सामने बैठी फराह का पूछा ।शीनू के बारे में उसने सोचा की वो फराह से बाद में इत्मीनान से बात करेगा ।
शीनू माँ के पास जाकर खेलने लगा तो वो थोड़ा फिक्रमंद नहीं रहा ।
समर अब सीधा फराह के पास आकर बोला।
कैसी हो तुम अब ?? कुछ बेटर फील हुआ तुम्हें ।
तुमने फ़ोन नहीं किया तो मुझे लगा कि शायद कोई सीरियस ईशू नहीं । ऐनी वेज. पहले तुम बताओ डॉक्टर ने क्या कहा ..सब परफेक्ट तो है न फराह ।
जी बताती हूँ समर । पहले शीनू को ज़रा फ्रेश करा देती हूँ..कहते हुए वो बेड से उठने लगी थी।
तुम रहने दो अभी ..मैं फ्रेश करा देता हूँ उसे और मुझे तुमसे इसके बारे में कुछ बात भी करनी है । समर ने सीरियस टोन से कहा तो फराह एकदम से परेशान हो गई थी।
क्यूं.. क्या बात है समर ।
क्या हुआ ?? आज इसे स्कूल में कुछ हुआ !! या डे केयर में कोई प्रॉब्लम हुई है !!
आप बताएं न मुझे । फराह अब घबरा सी गई थी और लड़खड़ाती हुई आवाज में बोली तो समर ने उसकी तबीयत को ध्यान में रखते हुए बात को टालना ही बेहतर समझा।
कुछ नहीं बाबा.…. तुम रिलैक्स तो करो ..ऐसी कोई सीरियस बात नहीं । वो मैं हमेशा वहां जाता नहीं हूँ न हो सकता है इसलिए थोड़ा स्ट्रेंज लगा हो मुझे । क्या ये हर दिन तुम्हे सोया हुआ मिलता है वहां जब इसे पिक करने जाती हो ।
फराह ने कैजुअली कहा ।
हाँ..अक्सर ही ये मुझे सोया हुआ मिलता है। मैंने सोचा स्कूल में थक जाता होगा । फिर से चार पांच घंटे रहता है क्रेच में..हो सकता है नींद आ जाती होगी ।पर अभी सडनली ये सवाल क्यों किया आपने ।
फराह की बातों से समर भी अपने डाउट दूर कर रहा था।
अरे नहीं ..मैंने आज कई दूसरे बच्चों को भी सोते देखा ..बस इसलिए तुमसे पूछा यार।
पर फराह को कुछ खटकने लगा था।
नहीं समर..अगर आपको कोई डाउट हुआ है तो कल ही मैं बात करती हूँ वहां ।
वो आगे कुछ और कहती पर तबतक समर ने उसे रोक दिया।
अच्छा अच्छा । इटस ओके ।
पहले तुम्हारा तो कुछ पूछ लूं मैं । क्लीनिक से आने के बाद तुमने कॉल ही पिक नहीं की मेरी।
समर की बात सुनकर फराह को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या कहे। वो वैसे ही साइलेंट रही ।उसे खामोश देखकर समर ने कुछ रियेक्ट नहीं किया और वॉश रूम चला गया।
आधे घंटे बाद। कुछ देर और रेस्ट करने के बाद फराह किचन में आ गई थी।
शीनू दूध पीकर अपने फ्रेंड्स के साथ खेलने लगा था । फराह ने भी तब तक चाय के साथ स्नैक्स रेडी कर लिया था समर के लिए ।पर उसने खुद के लिए चाय नहीं बनाई थी ।उसे चाय अच्छी नहीं लगती थीं कुछ दिनों से ।
समर अब फराह के पास आकर बैठ गया था। उसने चाय का कप अपने हाथ में लेते हुए कहा।
क्या हुआ ?? तुमने अपनी चाय क्यों नहीं ली !!
और जब रेस्ट का कहा है तो करो न । क्यों परेशान होती हो समर अपनी चाय की चुस्की लेते हुए बोला।
नहीं समर रहने दैं ..आज ख्वाहिश नहीं हे रही और न ही तलब हो रही है किसी चीज़ की ।
ओके बबा.. यू जस्ट रिलैक्स ।
खैर बताओ ।क्या हुआ ..डॉक्टर ने क्या कहा ।कोई सारियस प्रॉब्लम तो नहीं ।या यूँ ही वीकनेस हो गई है तुम्हे ।
जी ..जी हाँ ….वो कुछ ऐसा ही …वो बोलने में हिचकिचाने लगी थी।
फराह के इस तरह हिचकिचाने समर अब डिस्टर्ब हो रहा था।
क्या हुआ । सब खैर तो है न यार , मुझे तुम्हे अकेले नहीं भेजना चाहिए था । मुझे लगा ऐसे ही होगा कुछ माइनर हेल्थ इशू । पर कोई नहीं मैं कल दोबारा चलता हूँ तुम्हारे साथ ।
समर के साथ चलने की बात पर फराह एकदम से बोल पड़ी।
नहीं नहीं.. उसकी ज़रूरत नहीं ..इटस ऑल फाइन। सब ठीक है बस थोड़ा रेस्ट करने को कहा है दो चार दिन।
पर क्यों ,, ब्लड प्रेशर लो हुआ है तुम्हारा। या फिर कोई रीज़न तो होगा ।
फिर फराह ने धीरे धीरे वो वजह भी बता दी जिसे जानने के बाद तो समर की खुशी का ठिकाना नही रहा । वो मारे खुशी से उछल पड़ा था।उसे यक़ीन नहीं आ रहा था ..उसने बेयक़ीनी से फराह की तरफ देखा ..जो नज़रें झुकाये इस खबर की तस्दीक़ कर रही थी ।
व्हॉट … ये क्या कह दिया तुमने अभी। आई कॉंट बिलीव दिस। ये ..ये तो न्यूज है । और इतनी बिग न्यूज ऐसे खामोशी से कौन देता है भला। मैं..मैं तो सोच भी नहीं रहा था ऐसा कुछ हो सकता है।
और..और तुमने मुझे ऑफिस में क्यूं नहीं इनफॉर्म किया । मैं आ जाता न वहीं क्लीनिक में।
या मेरे खुदा… इतनी बड़ी खुशी एक दफा फिर से हमारी लाइफ में। मेरे शीनू के बाद । तुमने कितनी बड़ी खुशी दी है मुझे आज। थैंक्स फराह..
थैंक्स मॉय लव । कहते हुए वो फराह को एकदम करीब आ गया था।
उसने दौड़कर फराह को अपने घेरे में ले लिया था।
फराह को अपनी बाहों में भरकर वो झूम रहा था । ये खूबसूरत पल उसे इन्तेहाई खुशगवार लग रहे थे
उसका दिल हवाओं में उड़ने लगा था । उसने एकदफा फिर से सिमटी हुई फराह को अपने सामने किया और इस दफा उसके फोरहेड पर किस किया था। पर फराह का चेहरा ज़र्द हो गया था और उसका बदन सर्द । फिर भी उसने समर के इस एक्साइटमेंट के आगे खुद को कम्पोज कर लिया ।
देर रात 10 .30 बजे।
फराह शीनू को थपकियां देकर सुला रही थी। सामने खड़ा समर उसे यूं ही टकटकी लगाए देख रहा था। और धीरे धीरे स्माइल कर रहा था। वो कुछ देर पहले ही फराह की फेवरिट आइसक्रीम लेकर आया था।
कुछ देर में शीनू सो गया और फराह जब बेड पर सीधी होकर लेटी थी।
समर ने इशारे से उसे बेड की दूसरी साइड की तरफ आने को कहा था। फराह वैसे ही हल्का सा उठकर बेड की दूसरी साइड पर आ गई थी। अब समर ने मुस्कुराते हुए उसकी तरफ आइसक्रीम बढ़ाई थी। फराह ने वैसे ही नजरें झुकाए हुए आइसक्रीम ले ली थी। पर वो अनमने ढंग से खा रही थी। समर अब उसके बिल्कुल करीब आया था।
क्या हुआ फराह। आइसक्रीम अच्छी नहीं लगी क्या। ये तो तुम्हारा फेवरिट फ्लेवर है न। मुझे लगा तुम्हें क्रेविंग हो रही होगी।
फराह चुपचाप ही रही थी । उसके आइसक्रीम फिनिश करते ही समर अब उसकी कलाई थाम लेता है और
धीरे से उसे अपने शोल्डर पर टिका लेता है ।
फराह के इस सर्द इज़हार से उसे अगले ही पल एहसास हो गया था की कुछ तो सही नहीं था।
पर वो धीरे धीरे फराह को अपने करीब करने लगा था। उसकी इस कोशिश पर फराह ने अपनी तरफ से रेसिस्ट भी नहीं किया था। वो तो अजीब कशमकश में थी।
समर तो बेइंतहा खुश था। वो अब फराह के एकदम करीब आकर बेड पर उसकी ही साइड लेट जाता है।और उसका फेस अपनी तरफ टर्न करके बस यूं ही देखता रहता है।
फराह अब उसे फेस नहीं कर पाती और सर झुका लेती है। समर अब उसे अपनी बाहों में भर लेता है। और धीरे धीरे उससे इंटीमेंट होने लगा था। समर के हाथ यहां वहां उस पर घूम रहे थे और वो इन खुशगवार मोमेंटस में खुद खोने लगता है। समर फराह के इतने क्लोज था कि उसके दिल की बढ़ी हुई धड़कनें साफ सुन पा रहा था। पर फराह तो इन इंटीमेट मोमेंट्स में भी खुद को कनेक्ट नहीं कर पा रही थी । कुछ देर तक तो उसने समर को कॉपरेट किया मगर फिर समर जब और ज्यादा आगे बढ़ने लगा तो वो सर्द सी पड़ने लगी थी।